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Sunday, 22 October 2017
Real Lakshmi Pooja
Comment 1: side me jhadu bhi rakha hai pooja nahi ki to mar maar ke sooja degi.😂
Comment 2:Sahi he ...a hi asali Lakshmi Pooja he..India me ladies KO Lakshmi ka hi roop mante he...👍
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मिलता-जुलता
#Social Sandesh
Friday, 29 September 2017
Sach hi to hai
# औरत चरित्रहीन या पुरूष चरित्रहीन ???
स्त्री तबतक 'चरित्रहीन' नहीं हो सकती जबतक कि पुरुष चरित्रहीन न हो।
संन्यास लेने के बाद गौतमबुद्ध ने अनेक क्षेत्रों की यात्रा की। एक बार वे एक गांव गए।
वहां एक स्त्री उनके पास आई और बोली आप तो कोई राजकुमार लगते हैं।
क्या मैं जान सकती हूँ कि इस युवावस्था में गेरुआ वस्त्र पहनने का क्या कारण है ?
बुद्ध ने विनम्रतापूर्वक उत्तर दिया कि तीन प्रश्नों के हल ढूंढने के लिए उन्होंने संन्यास लिया।
बुद्ध ने कहा- हमारा यह शरीर जो युवा व आकर्षक है वह जल्दी ही वृद्ध होगा फिर बीमार व अंत में मृत्यु के मुंह में चला जाएगा।
मुझे वृद्धावस्था, बीमारी व मृत्यु के कारण का ज्ञान प्राप्त करना है।
बुद्ध के विचारो से प्रभावित होकर उस स्त्री ने उन्हें भोजन के लिए आमंत्रित किया।
शीघ्र ही यह बात पूरे गांव में फैल गई। गांववासी बुद्ध के पास आए और आग्रह किया कि वे इस स्त्री के घर भोजन करने न जाएं क्योंकि वह चरित्रहीन है।
बुद्ध ने गांव के मुखिया से पूछा- क्या आप भी मानते हैं कि वह स्त्री चरित्रहीन है ?
मुखिया ने कहा कि मैं शपथ लेकर कहता हूं कि वह बुरे चरित्र वाली स्त्री है।आप उसके घर न जाएं।
बुद्ध ने मुखिया का दायां हाथ पकड़ा और उसे ताली बजाने को कहा।
मुखिया ने कहा- मैं एक हाथ से ताली नहीं बजा सकता क्योंकि मेरा दूसरा हाथ आपके द्वारा पकड़ लिया गया है। बुद्ध बोले इसी प्रकार यह स्वयं चरित्रहीन कैसे हो सकती है जबतक कि इस गांव के पुरुष चरित्रहीन न हो।
अगर गांव के सभी पुरुष अच्छे होते तो यह औरत ऐसी न होती इसलिए इसके चरित्र के लिए यहाँ के पुरुष जिम्मेदार हैं l
यह सुनकर सभी लज्जित हो गये
लेकिन आजकल हमारे समाज के पुरूष लज्जित नहीं गौरवान्वित महसूस करते है क्योंकि यही हमारे "पुरूष प्रधान" समाज की रीति एवं नीति है l
Copy....by Ashok Boaddh
नमो बुद्धाय....
स्त्री तबतक 'चरित्रहीन' नहीं हो सकती जबतक कि पुरुष चरित्रहीन न हो।
संन्यास लेने के बाद गौतमबुद्ध ने अनेक क्षेत्रों की यात्रा की। एक बार वे एक गांव गए।
वहां एक स्त्री उनके पास आई और बोली आप तो कोई राजकुमार लगते हैं।
क्या मैं जान सकती हूँ कि इस युवावस्था में गेरुआ वस्त्र पहनने का क्या कारण है ?
बुद्ध ने विनम्रतापूर्वक उत्तर दिया कि तीन प्रश्नों के हल ढूंढने के लिए उन्होंने संन्यास लिया।
बुद्ध ने कहा- हमारा यह शरीर जो युवा व आकर्षक है वह जल्दी ही वृद्ध होगा फिर बीमार व अंत में मृत्यु के मुंह में चला जाएगा।
मुझे वृद्धावस्था, बीमारी व मृत्यु के कारण का ज्ञान प्राप्त करना है।
बुद्ध के विचारो से प्रभावित होकर उस स्त्री ने उन्हें भोजन के लिए आमंत्रित किया।
शीघ्र ही यह बात पूरे गांव में फैल गई। गांववासी बुद्ध के पास आए और आग्रह किया कि वे इस स्त्री के घर भोजन करने न जाएं क्योंकि वह चरित्रहीन है।
बुद्ध ने गांव के मुखिया से पूछा- क्या आप भी मानते हैं कि वह स्त्री चरित्रहीन है ?
मुखिया ने कहा कि मैं शपथ लेकर कहता हूं कि वह बुरे चरित्र वाली स्त्री है।आप उसके घर न जाएं।
बुद्ध ने मुखिया का दायां हाथ पकड़ा और उसे ताली बजाने को कहा।
मुखिया ने कहा- मैं एक हाथ से ताली नहीं बजा सकता क्योंकि मेरा दूसरा हाथ आपके द्वारा पकड़ लिया गया है। बुद्ध बोले इसी प्रकार यह स्वयं चरित्रहीन कैसे हो सकती है जबतक कि इस गांव के पुरुष चरित्रहीन न हो।
अगर गांव के सभी पुरुष अच्छे होते तो यह औरत ऐसी न होती इसलिए इसके चरित्र के लिए यहाँ के पुरुष जिम्मेदार हैं l
यह सुनकर सभी लज्जित हो गये
लेकिन आजकल हमारे समाज के पुरूष लज्जित नहीं गौरवान्वित महसूस करते है क्योंकि यही हमारे "पुरूष प्रधान" समाज की रीति एवं नीति है l
Copy....by Ashok Boaddh
नमो बुद्धाय....
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मिलता-जुलता
#Social Sandesh
Sunday, 10 September 2017
Desh ko Bachao
क्या भारत के युवाओँ का एकमात्र उद्देश्य
लडकी पटाना है??
नकाबपोश बिकाऊ मीडिया पूरा दिन
"क्राँतिकारी" बने राग अलापता है लेकिन
औकात भी तुरंत दिख जाती है।
जब हर २ मिनट मेँ ब्रेक लेता है और कम से कम ४ से ५
मिनट का प्रचार
दिखाता है और प्रचार मेँ क्या दिखाता है
वो सभी जानते हैँ -
*. क्रीम लगाओ लड़की पटाओ
*. पाउडर लगाओ लड़की पटाओ
*. डीयोडरंट लगाओ लड़की पटाओ
*. फैयर एंड हैंडसम लगाओ लड़की पटाओ
*. कोक पेप्सी पियो लड़की पटाओ
*. दिमाग की बत्ती जलाओ लड़की पटाओ
*. मंजन करो और ताज़ा साँसों से लड़की
पटाओ
*. एंटी डेनड्रफ शैम्पू लगाओ लड़की पटाओ
*. कोई भी चिप्स खाओ लड़की पटाओ
*. फोन में फ्री स्कीम का रीचार्ज कराओ और
लड़की पटाओ
*. गाडी खरीदो लडकी पटाओ
*. पत्थर पर गाडी चलाओ लडकी पटाओ
*. मोबाईल खरीदो लडकी पटाओ
*. तबियत खराब होने पर बांडेड गोली खाओ
और शिरप लो और लडकी पटाओ
*. डिब्बाबंद पानी पियो और लडकी पटाओ
*. नई चड्डी बनियान पहन के घूमो और लडकी
पटाओ
*. हद तो तब हो गयी जब पुरुषों के वस्त्रों से
भी लड़की पट रही है। इनके
विज्ञापनों में खास बात ये है की आपको कुछ
करना नही है सिर्फ इन चीजों को
इस्तेमाल करो लड़की खुद आपके पास चल कर
आएगी। आखिर क्या हो गया है हमारे
मीडिया और समाज में ? क्या ज़िंदगी का एक
ही मकसद है लड़की पटाओ ? लगता है
भारत में सभी उत्पादों के विज्ञापनों का एक
ही उद्देश्य है 'लड़की पटवाना'
.... पटती होंगी तुम्हारे पश्चिम में इस तरह
लड्किया, लेकिन माफ़ करना
मेरे भारत की बेटिया इतनी गिरी हुई नही है
जिन्हें तुम इस तरह पटाने के
तरीके बता रहे हो। अफ़सोस कुछ कूल ड्यूड सो
कॉल्ड मॉडर्न किस्म के लोग इन
घटिया दर्जे के विज्ञापनों झांसे में आ जाते है
और औरत को इतना नीचा
समझते है।
अब आप ही बताईए पूरा दिन कंडोम का प्रचार
और लाल रंग के कपडे पहने हुए
अर्धनग्न स्त्रियाँ दिखा कर युबाओँ की
कामुकता बढाती हैँ। फिर किसी ने
बलात्कार कर दिया तो ABP news बाले
बोलेँगे - देश जबाब माँग रहा है! AAJ
TAK - देश को जबाब देना ही पडेगा! ZEE NEWS
- देश से हर कोई जबाब माँग
रहा है! NDTV - अब तो देश को जबाब माँगन ही
चाहिए! IBN7 - किससे जबाब
माँगना चाहिए देश को? कौन देगा जबाब देश
को? NEWS EXPRESS - अखिर कब
मिलेगा देश को जबाब? INDIA TV - आपकी
अदालत मेँ कौन देगा देश को जबाब?
अखिर कब मिलेगा जबाब देश को? SAHARA -
कौन दे सकता है देश को जबाब? बने
रहिए हमारी ऐँकर अंजना के साथ। LIVEINDIA -
हम इस पर लगातार नजर बनाए हुए
हैँ कौन देगा देश को जबाब? बाकी के चैनल =>
हम भी लगातार नजर बनाए हुए
हैँ और पल पल का समाचार आप तक पहुँचा रहे हैँ -
आखिर कौन सामने आऐगा देश
को जबाब देने? बने रहिए हमारे साथ (समाचार
बताने बाली लडकियाँ - शरीर से
कसे हुए कपडे पहने हुए दोहरे अर्थ बाले शब्दोँ का
इस्तेमाल करते हुए बार
बार अश्लीलता और लडकी पटाने का
बिज्ञापन दिखाती रहेँगी।) फिर सारे
मिडिया
बाले एक सुर मेँ बोलेँगे - आईए अब हम जनता से भी
जानने की कोशिश करते हैँ
की अखिर किससे मिलेगा देश को जबाब?
अब बात यहाँ समझ मेँ नहीँ आती साला कौन
सा देश है जिससे ये जबाब माँग
रहेँ? किसका देश है और कौन रहता है उस देश मेँ?
शुबह से शाम तक
क्रातिकारी बनेँगे फिर रात को ११ बजते ही
कोई मोटे लोगोँ को पतला करने की
दबाई बेँचेँगा, कोई सेक्स करने के तरीके बताएगा,
तो कोई बीकनी ब्रा
बेचेगा और कई तरह के कामुक मजा लूटने का यंत्र
या कुछ और बेँचेगा, और
प्रचार(एडवरटाईसमेँट) ऐसे करेंगे और पारिवारिक
बातोँ मेँ फसाँकर
हिप्नोटाईस करके कुछ का कुछ दिखाते हैँ जो
दुनुयाभर के अपराधोँ के मूल जड
यही हैँ।
इसलिए इन्हेँ प्रतिबंधित किए जाने हेतु सभी
विचारकुशल युवा और भारत के
लोग आवाज उठाएँ। ये छोटा सा उदाहरण है।
नकाबपोश क्राँतिकारी मीडिया का
बलात्कारी अंदाज और घिनौना चरित्र।
====================
क्या आप ऐसे बिकाऊ और धिनौने चरित्र के
लोगोँ पर विश्वास कर के जी रहे हैँ?
अगर ऐसे दिशा हीन लोग समाज का मार्गदर्शन
करेँगे तो क्या होगा आपका और
हमारा भविष्य?
लडकी पटाना है??
नकाबपोश बिकाऊ मीडिया पूरा दिन
"क्राँतिकारी" बने राग अलापता है लेकिन
औकात भी तुरंत दिख जाती है।
जब हर २ मिनट मेँ ब्रेक लेता है और कम से कम ४ से ५
मिनट का प्रचार
दिखाता है और प्रचार मेँ क्या दिखाता है
वो सभी जानते हैँ -
*. क्रीम लगाओ लड़की पटाओ
*. पाउडर लगाओ लड़की पटाओ
*. डीयोडरंट लगाओ लड़की पटाओ
*. फैयर एंड हैंडसम लगाओ लड़की पटाओ
*. कोक पेप्सी पियो लड़की पटाओ
*. दिमाग की बत्ती जलाओ लड़की पटाओ
*. मंजन करो और ताज़ा साँसों से लड़की
पटाओ
*. एंटी डेनड्रफ शैम्पू लगाओ लड़की पटाओ
*. कोई भी चिप्स खाओ लड़की पटाओ
*. फोन में फ्री स्कीम का रीचार्ज कराओ और
लड़की पटाओ
*. गाडी खरीदो लडकी पटाओ
*. पत्थर पर गाडी चलाओ लडकी पटाओ
*. मोबाईल खरीदो लडकी पटाओ
*. तबियत खराब होने पर बांडेड गोली खाओ
और शिरप लो और लडकी पटाओ
*. डिब्बाबंद पानी पियो और लडकी पटाओ
*. नई चड्डी बनियान पहन के घूमो और लडकी
पटाओ
*. हद तो तब हो गयी जब पुरुषों के वस्त्रों से
भी लड़की पट रही है। इनके
विज्ञापनों में खास बात ये है की आपको कुछ
करना नही है सिर्फ इन चीजों को
इस्तेमाल करो लड़की खुद आपके पास चल कर
आएगी। आखिर क्या हो गया है हमारे
मीडिया और समाज में ? क्या ज़िंदगी का एक
ही मकसद है लड़की पटाओ ? लगता है
भारत में सभी उत्पादों के विज्ञापनों का एक
ही उद्देश्य है 'लड़की पटवाना'
.... पटती होंगी तुम्हारे पश्चिम में इस तरह
लड्किया, लेकिन माफ़ करना
मेरे भारत की बेटिया इतनी गिरी हुई नही है
जिन्हें तुम इस तरह पटाने के
तरीके बता रहे हो। अफ़सोस कुछ कूल ड्यूड सो
कॉल्ड मॉडर्न किस्म के लोग इन
घटिया दर्जे के विज्ञापनों झांसे में आ जाते है
और औरत को इतना नीचा
समझते है।
अब आप ही बताईए पूरा दिन कंडोम का प्रचार
और लाल रंग के कपडे पहने हुए
अर्धनग्न स्त्रियाँ दिखा कर युबाओँ की
कामुकता बढाती हैँ। फिर किसी ने
बलात्कार कर दिया तो ABP news बाले
बोलेँगे - देश जबाब माँग रहा है! AAJ
TAK - देश को जबाब देना ही पडेगा! ZEE NEWS
- देश से हर कोई जबाब माँग
रहा है! NDTV - अब तो देश को जबाब माँगन ही
चाहिए! IBN7 - किससे जबाब
माँगना चाहिए देश को? कौन देगा जबाब देश
को? NEWS EXPRESS - अखिर कब
मिलेगा देश को जबाब? INDIA TV - आपकी
अदालत मेँ कौन देगा देश को जबाब?
अखिर कब मिलेगा जबाब देश को? SAHARA -
कौन दे सकता है देश को जबाब? बने
रहिए हमारी ऐँकर अंजना के साथ। LIVEINDIA -
हम इस पर लगातार नजर बनाए हुए
हैँ कौन देगा देश को जबाब? बाकी के चैनल =>
हम भी लगातार नजर बनाए हुए
हैँ और पल पल का समाचार आप तक पहुँचा रहे हैँ -
आखिर कौन सामने आऐगा देश
को जबाब देने? बने रहिए हमारे साथ (समाचार
बताने बाली लडकियाँ - शरीर से
कसे हुए कपडे पहने हुए दोहरे अर्थ बाले शब्दोँ का
इस्तेमाल करते हुए बार
बार अश्लीलता और लडकी पटाने का
बिज्ञापन दिखाती रहेँगी।) फिर सारे
मिडिया
बाले एक सुर मेँ बोलेँगे - आईए अब हम जनता से भी
जानने की कोशिश करते हैँ
की अखिर किससे मिलेगा देश को जबाब?
अब बात यहाँ समझ मेँ नहीँ आती साला कौन
सा देश है जिससे ये जबाब माँग
रहेँ? किसका देश है और कौन रहता है उस देश मेँ?
शुबह से शाम तक
क्रातिकारी बनेँगे फिर रात को ११ बजते ही
कोई मोटे लोगोँ को पतला करने की
दबाई बेँचेँगा, कोई सेक्स करने के तरीके बताएगा,
तो कोई बीकनी ब्रा
बेचेगा और कई तरह के कामुक मजा लूटने का यंत्र
या कुछ और बेँचेगा, और
प्रचार(एडवरटाईसमेँट) ऐसे करेंगे और पारिवारिक
बातोँ मेँ फसाँकर
हिप्नोटाईस करके कुछ का कुछ दिखाते हैँ जो
दुनुयाभर के अपराधोँ के मूल जड
यही हैँ।
इसलिए इन्हेँ प्रतिबंधित किए जाने हेतु सभी
विचारकुशल युवा और भारत के
लोग आवाज उठाएँ। ये छोटा सा उदाहरण है।
नकाबपोश क्राँतिकारी मीडिया का
बलात्कारी अंदाज और घिनौना चरित्र।
====================
क्या आप ऐसे बिकाऊ और धिनौने चरित्र के
लोगोँ पर विश्वास कर के जी रहे हैँ?
अगर ऐसे दिशा हीन लोग समाज का मार्गदर्शन
करेँगे तो क्या होगा आपका और
हमारा भविष्य?
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मिलता-जुलता
#Social Sandesh
Friday, 11 August 2017
Bananewale be bahut sahi banaya hai
*राजनीति के कडुवे प्रश्न?*
*प्रश्न-धर्मनिरपेक्षता क्या है?*
उत्तर-हिन्दुओ को गाली देना।
*प्रश्न-असहिष्णुता क्या है?*
उत्तर-हिन्दू हित की बात करना।
*प्रश्न-पिछड़ा कौन है?*
उत्तर-लालू और मुलायम का परिवार।
*प्रश्न-समाजवाद क्या?*
उत्तर-मुलायम-अखिलेश की सोच।
*प्रश्न-एकमात्र दलित महिला?*
उत्तर-मायावती।
*प्रश्न-सृष्टि के एकमात्र विद्वान?*
उत्तर-बाबा साहेब अंबेडकर।
*प्रश्न-बेगुनाह कौन है?*
उत्तर-सिर्फ मुसलमान।
*प्रश्न-सबसे ज्यादा गुनाहगार?*
उत्तर-RSS और बजरंग दल।
*प्रश्न-त्याग की मूर्ति?*
उत्तर-सोनिया गांधी।
*प्रश्न-किसके बगैर देश निर्माण असंभव है?*
उत्तर-नेहरू परिवार।
*प्रश्न-एकमात्र उम्मीद की किरण?*
उत्तर-राहुल गांधी।
*प्रश्न-धर्म निरपेक्ष राज्य?*
उत्तर-जम्मू कश्मीर।
*प्रश्न-अनैतिक राज्य?*
उत्तर-गुजरात।
*प्रश्न-राष्ट्रीय बहु?*
उत्तर-सोनिया गांधी।
*प्रश्न-राष्ट्रीय अब्बा?*
उत्तर-गुलाम नबी आजाद।
*प्रश्न-सबसे ईमानदार?*
उत्तर-केजरीवाल।
*प्रश्न-सादगी की परकाष्ठा?*
उत्तर-ममता बनर्जी।
*प्रश्न-सम्प्रदायिकता क्या है?*
उत्तर-आरती और पूजा करना।
*प्रश्न-अहिंसा क्या है?*
उत्तर-बकरीद।
*प्रश्न-धर्म की सुंदरता क्या है?*
उत्तर-नमाज़ के वक़्त रोड जाम हो।
*प्रश्न-राष्ट्रीय अतिथि?*
उत्तर-बांग्लादेशी।
*प्रश्न-बुद्धजीवी कौन है?*
उत्तर-जो देश को गाली देने की वकालत करे।
*प्रश्न-एकमात्र छात्र?*
उत्तर-कन्हैया कुमार।
*प्रश्न-गुमराह और बेगुनाह?*
उत्तर-कश्मीरी पत्थरबाज।
*प्रश्न-इस्लाम की खूबसूरती?*
उत्तर-कश्मीरियत।
*प्रश्न-राष्ट्रीय समस्या?*
उत्तर-टमाटर और प्याज़।
*प्रश्न-सबसे गरीब?*
उत्तर-बसपा वाले
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मिलता-जुलता
#Social Sandesh
Saturday, 5 August 2017
Kissa JAMMU KAAHMIR KA
कुछ लोग ( खास कर कांग्रेस) ये कह के मोदी सरकार की आलोचना करते हैं कि जब से मोदी PM हुए हैं , काश्मीर में हालात बेकाबू हो गए हैं ।
पहले तो ये जान लीजिए कि पहले हालात पे काबू कैसे रखा जाता था ।
पहले Status Quo maintain किया जाता था ।
तुम हमको मत छेड़ो हम तुमको नही छेड़ेंगे ।
तुम भी ऐश करो और हमको भी करने दो ।
अलगाववादी नेता ( हुर्रियत ) भारत सरकार की बांह मरोड़ के सीधे सीधे Blackmailing कर पैसे वसूलते थे । पैसे दो नही तो हम आगजनी , हड़ताल , पत्थरबाजी और आतंकी हमले करेंगे ।
भारत सरकार बाकायदे वैधानिक तरीके से हज़ारों करोड़ के package काश्मीर को देती जिसे ये डाकू मिल के हज़म कर जाते । ये तो होता था वैधानिक पैकेज ।
इसके अलावा अलगाववादी हुर्रियत नेताओं को under the table सैकड़ों करोड़ रु सालाना दिए जाते थे और बदले में शांति खरीदी जाती थी । और ये आतंकी हमारे आपके Tax Payer के पैसे पे ऐश अय्याशियाँ करते थे ।
PDP के साथ BJP की साझा सरकार बन जाने से , BJP की सत्ता में भागीदारी से काश्मीर के आर्थिक package की लूट और बंदरबांट काफी हद तक रुक गयी है ।
मोदी के आने के बाद निज़ाम बदला । शुरुआत बुरहान वानी के encounter से हुई । तब से अब तक 124 बुरहान कुत्ते की तरह घसीट के मार दिए गए ....... 150 के करीब बाकी है , रोज़ाना 2 - 4 मारे जा रहे हैं ।
भारत सरकार का संकल्प है कि दिसंबर से पहले काश्मीर से आतंकी साफ कर देने है ।
***
NIA ने हुर्रियत की funding और हवाला रैकेट की जांच में कई नेता उठा लिए हैं और दिल्ली ले गयी है । कश्मीरी दिल्ली के नाम से हड़कता है । इस से पहले किसी हुर्रियत नेता को ज़्यादा से ज़्यादा नज़रबंद किया जाता था और श्रीनगर के निशात बाग के Resorts में पूरी ऐशो अय्याशी का इंतज़ाम होता था ।
आज NIA ने हुर्रियत और उनके हवाला operators को दिल्ली में उलटा टांग रखा है । इसके बाद उनका तिहाड़ जाना निश्चित है । काश्मीर में आम धारणा है कि जो एक बार तिहाड़ गया उसकी तो लाश भी वापस नही आई ।
गिलानी और उसके दोनों बेटों पे तलवार लटकी हुई है । इनकी बेनामी संपत्तियों की जांच चल रही है । भारत सरकार बेरहमी से इनपे टूट पड़ी है ।
***
भारत सरकार आज काश्मीर में Proactive हो के काम कर रही है । आगे बढ़ के मार रही है । घर मे घुस के मार रही है । जब आप proactive होंगे तो सामने वाले को प्रतिक्रिया देना मजबूरी है । आज काश्मीर में जो पत्थरबाजी और आतंकी गतिविधि है वो इसी Proactive approach के कारण है ।
नाली में घुस के साफ करो तो बदबू तो उठेगी ही ।
इसके बाद सब साफ हो जाएगा
पहले तो ये जान लीजिए कि पहले हालात पे काबू कैसे रखा जाता था ।
पहले Status Quo maintain किया जाता था ।
तुम हमको मत छेड़ो हम तुमको नही छेड़ेंगे ।
तुम भी ऐश करो और हमको भी करने दो ।
अलगाववादी नेता ( हुर्रियत ) भारत सरकार की बांह मरोड़ के सीधे सीधे Blackmailing कर पैसे वसूलते थे । पैसे दो नही तो हम आगजनी , हड़ताल , पत्थरबाजी और आतंकी हमले करेंगे ।
भारत सरकार बाकायदे वैधानिक तरीके से हज़ारों करोड़ के package काश्मीर को देती जिसे ये डाकू मिल के हज़म कर जाते । ये तो होता था वैधानिक पैकेज ।
इसके अलावा अलगाववादी हुर्रियत नेताओं को under the table सैकड़ों करोड़ रु सालाना दिए जाते थे और बदले में शांति खरीदी जाती थी । और ये आतंकी हमारे आपके Tax Payer के पैसे पे ऐश अय्याशियाँ करते थे ।
PDP के साथ BJP की साझा सरकार बन जाने से , BJP की सत्ता में भागीदारी से काश्मीर के आर्थिक package की लूट और बंदरबांट काफी हद तक रुक गयी है ।
मोदी के आने के बाद निज़ाम बदला । शुरुआत बुरहान वानी के encounter से हुई । तब से अब तक 124 बुरहान कुत्ते की तरह घसीट के मार दिए गए ....... 150 के करीब बाकी है , रोज़ाना 2 - 4 मारे जा रहे हैं ।
भारत सरकार का संकल्प है कि दिसंबर से पहले काश्मीर से आतंकी साफ कर देने है ।
***
NIA ने हुर्रियत की funding और हवाला रैकेट की जांच में कई नेता उठा लिए हैं और दिल्ली ले गयी है । कश्मीरी दिल्ली के नाम से हड़कता है । इस से पहले किसी हुर्रियत नेता को ज़्यादा से ज़्यादा नज़रबंद किया जाता था और श्रीनगर के निशात बाग के Resorts में पूरी ऐशो अय्याशी का इंतज़ाम होता था ।
आज NIA ने हुर्रियत और उनके हवाला operators को दिल्ली में उलटा टांग रखा है । इसके बाद उनका तिहाड़ जाना निश्चित है । काश्मीर में आम धारणा है कि जो एक बार तिहाड़ गया उसकी तो लाश भी वापस नही आई ।
गिलानी और उसके दोनों बेटों पे तलवार लटकी हुई है । इनकी बेनामी संपत्तियों की जांच चल रही है । भारत सरकार बेरहमी से इनपे टूट पड़ी है ।
***
भारत सरकार आज काश्मीर में Proactive हो के काम कर रही है । आगे बढ़ के मार रही है । घर मे घुस के मार रही है । जब आप proactive होंगे तो सामने वाले को प्रतिक्रिया देना मजबूरी है । आज काश्मीर में जो पत्थरबाजी और आतंकी गतिविधि है वो इसी Proactive approach के कारण है ।
नाली में घुस के साफ करो तो बदबू तो उठेगी ही ।
इसके बाद सब साफ हो जाएगा
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मिलता-जुलता
#Social Sandesh
Friday, 4 August 2017
सदचरित जीवन जियें
*दीन दुखियों की सेवा करो और पड़ोसियों से प्रेम, ताकि आपको परमात्मा को ढूँढने कहीं दूर न जाना पड़े। यह अनमोल वचन हमें बहुत कुछ सन्देश दे जाते हैं बशर्ते हम समझने का प्रयास करें। हमारे जीवन की विचित्रिता तो देखिये ! हम तीर्थ स्नान के लिए कोसों दूर जाते हैं और पड़ोस का कोई दुखियारा केवल इस कारण मर गया कि उसे एक घूँट जल की न मिल सकी।*
*हम बड़े-बड़े भंडारे लगाने मीलों दूर जाते हैं और मुहल्लों के कई किशोर पढने- लिखने की उम्र में सिर्फ इसलिए अमानवीय व्यवहार सहकर भी रात- दिन मजदूरी करते हैं ताकि उनके परिवार को कम से कम एक वक्त तो भर पेट भोजन मिल सके।*
*जय श्री कृष्णा*
###############################
*पदार्थों में समस्या नहीं है हमारे उपयोग करने में समस्या है। कभी-कभी विष की एक अल्प मात्रा भी दवा का काम करती है और दवा की अत्याधिक मात्रा भी विष बन जाती है। विवेक से, संयम से, जगत का भोग किया जाये तो कहीं समस्या नहीं है।*
*संसार का विरोध करके कोई इससे मुक्त नहीं हुआ। बोध से ही इससे ज्ञानीजनों ने पार पाया है। संसार को छोड़ना नहीं, बस समझना है। परमात्मा ने पेड़-पौधे, फल-फूल, नदी, वन, पर्वत, झरने और ना जाने क्या- क्या हमारे लिए नहीं बनाया ? हमारे सुख के लिए, हमारे आनंद के लिए ही तो सबकी रचना की है।*
*हम बड़े-बड़े भंडारे लगाने मीलों दूर जाते हैं और मुहल्लों के कई किशोर पढने- लिखने की उम्र में सिर्फ इसलिए अमानवीय व्यवहार सहकर भी रात- दिन मजदूरी करते हैं ताकि उनके परिवार को कम से कम एक वक्त तो भर पेट भोजन मिल सके।*
*जय श्री कृष्णा*
###############################
*पदार्थों में समस्या नहीं है हमारे उपयोग करने में समस्या है। कभी-कभी विष की एक अल्प मात्रा भी दवा का काम करती है और दवा की अत्याधिक मात्रा भी विष बन जाती है। विवेक से, संयम से, जगत का भोग किया जाये तो कहीं समस्या नहीं है।*
*संसार का विरोध करके कोई इससे मुक्त नहीं हुआ। बोध से ही इससे ज्ञानीजनों ने पार पाया है। संसार को छोड़ना नहीं, बस समझना है। परमात्मा ने पेड़-पौधे, फल-फूल, नदी, वन, पर्वत, झरने और ना जाने क्या- क्या हमारे लिए नहीं बनाया ? हमारे सुख के लिए, हमारे आनंद के लिए ही तो सबकी रचना की है।*
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मिलता-जुलता
#Social Sandesh
यूरोप की विवशता....हमारी मूर्खता...
1. आठ महीने ठण्ड पड़ने के कारण कोट पेंट पहनना उनकी विवशता ओर शादी बाले दिन भरी गर्मीं में कोट - पेंट डाल कर बरात लेकर जाना हमारी मुर्खता !
2. ठण्ड में नाक बहते रहने के कारण टाई लगाना युरोप की विवशता ओर दुसरे को प्रभावित करनें के लिऐ जुन महींनें में टाई कस के घर से निकलना हमारी मुर्खता !
3. ताजा भोजन उपलब्ध ना होने के कारण सड़े आटे से पिज्जा,, बर्गर,, नूडल्स आदि खाना युरोप की विवशता ओर 56 भोग छोड 400/- की सढी रोटी (पिज्जा ) खाना हमारी मुर्खता !
4. ताज़ा भोजन की कमी के कारण फ्रीज़ का इस्तेमाल करना युरोप की विवशता ओर रोज दो समय ताजी सब्जी बाजार में मिलनें पर भी हफ्ते भर की सब्जी मंडी से लेकर फ्रीज में ठुंस कर सढा -2.कर उसे खाना हमारी मुर्खता !
5. जड़ी बूटियों का ज्ञान ना होने के कारण... जीव जंतुओं के हाड मॉस से दवाये बनाना उनकी विवशता ओर आयुर्वेद जैसा महान चिकित्सा ग्रंथ होनें के वावजुद उन हाड्ड - मांस की दवाईयां उपयोग करना हमारी महांमुर्खता !
6. पर्याप्त अनाज ना होने के कारण जानवरों को खाना उनकी विवशता ओर 1600 किस्मों की फसलें होनें के बाबजुद जीभ के स्वाद के लिऐ किसी निरिह प्राणी को मारकर उसे खाना हमारी मुर्खता !
7. लस्सी, दूध, जूस आदि ना होने के कारण कोल्ड ड्रिंक को पीना उनकी विवशता ओर 36 तरह के पेय पदार्थ होते हुऐ भी इस कोल्ड ड्रिंक नामक जहर को पीकर खुद को आधुनिक समझ कर इतराना हमारी महां महां महां मुर्खता !
8. टाइट कपडे पहनने के कारण जमीन की जगह कुर्सी पर बैठ कर भोजन करना उनकी विवशता ओर हमारी मुर्खता
9. मजदुरों की कमी के कारण मशीनों के द्वारा फैक्ट्री चलना उनकी विवशता ओर मजदुरों की भरमार होते हुऐ भी मशीनों की ओर जाकर देश में बैरोजगारी का स्तर 60.की स्पीड से बढाना हमारी मुर्खता !
10. मुँह की असमर्थता के कारण संस्कृत ना बोल पाना और जोड़ तोड़ वाली अंग्रेजी से काम चलना।
11. गुड़, खांड बनाना ना आने के कारण चीनी का इस्तेमाल।
12. असभ्य, लालची और स्वार्थी स्वभाव के कारण माँ बाप से अलग रहना उनके साथ दुर्व्यवहार करना।
क्या हम भारतियों को ये सब करने की जरुरत है ???
मेरा भारत महान था , महान है ,
किंतु महान तब रहेगा जब इस देश के वासी ऐसी महांमुर्खताओं को त्याग कर अपने देश की महानता को समझेंगे।
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मिलता-जुलता
#Social Sandesh
Wednesday, 5 July 2017
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मेरे परदादा संस्कृत और हिंदी जानते थे
माथे पे तिलक और सर पर पगड़ी बाँधते थे
फिर मेरे दादा जी का दौर आया
उन्होंने पगड़ी उतारी पर जनेऊ बचाया
मेरे दादा जी, अंग्रेजी बिलकुल नहीं जानते थे
जानना तो दूर, अंग्रेजी के नाम से ही कन्नी काटते थे
मेरे पिताजी को अंग्रेजी थोड़ी थोड़ी समझ में आई
कुछ खुद समझे कुछ अर्थचक्र ने समझाई
फिर भी वो अंग्रेजी का प्रयोग मज़बूरी में करते थे
यानि सभी सरकारी फार्म हिन्दी में ही भरते थे
जनेऊ उनका भी अक्षुण्य था
पर संस्कृत का प्रयोग नगण्य था
वही दौर था जब संस्कृत के साथ संस्कृति खो रही थी
इसीलिए संस्कृत मृत भाषा घोषित हो रही थी
धीरे धीरे समय बदला और नया दौर आया
मैंने अंग्रेजी को पढ़ा ही नहीं, अच्छे से चबाया
मैंने खुद को हिन्दी से अंग्रेजी में लिफ्ट किया
साथ ही जनेऊ को पूजाघर में सिफ्ट किया
अब मै बेवजह ही दो चार वाक्य अंग्रेजी में झाड जाता हूँ
शायद इसीलिए समाज में पढ़ा लिखा कहलाता हूँ
और तो और , मैंने बदल लिए कई रिश्ते नाते हैं
मामा, चाचा, फूफा अब अंकल नाम से जाने जाते हैं
अब मै टोन बदल कर वेद को वेदा और राम को रामा कहता हूँ
और अपनी इस तथाकतित सफलता पर गर्वित रहता हूँ
मेरे बच्चे और भी आगे जा रहे हैं
मैंने संस्कार चबाया था वो अंग्रेजी में पचा रहे हैं
यानि उन्हें दादी का मतलब ग्रैनी बताया जाता है
*“रामा वाज अ हिन्दू गॉड”* गर्व से सिखाया जाता है
जब श्रीमती जी उन्हें पानी मतलब वाटर बताती हैं
और अपनी इस प्रगति पर मंद मंद मुस्काती हैं
जाने क्यों मेरे पूजाघर की जीर्ण जनेऊ चिल्लाती है
और मंद मंद कुछ मन्त्र यूँ ही बुदबुदाती है
कहती है, विकास भारत को कहाँ ले जा रहा है
संस्कार तो गल गए अब भाषा को भी पचा रहा है
संस्कृत की तरह हिन्दी भी एक दिन मृत घोषित हो जाएगी
शायद उस दिन भारत भूमि पूर्ण विकसित हो जाएगी
माथे पे तिलक और सर पर पगड़ी बाँधते थे
फिर मेरे दादा जी का दौर आया
उन्होंने पगड़ी उतारी पर जनेऊ बचाया
मेरे दादा जी, अंग्रेजी बिलकुल नहीं जानते थे
जानना तो दूर, अंग्रेजी के नाम से ही कन्नी काटते थे
मेरे पिताजी को अंग्रेजी थोड़ी थोड़ी समझ में आई
कुछ खुद समझे कुछ अर्थचक्र ने समझाई
फिर भी वो अंग्रेजी का प्रयोग मज़बूरी में करते थे
यानि सभी सरकारी फार्म हिन्दी में ही भरते थे
जनेऊ उनका भी अक्षुण्य था
पर संस्कृत का प्रयोग नगण्य था
वही दौर था जब संस्कृत के साथ संस्कृति खो रही थी
इसीलिए संस्कृत मृत भाषा घोषित हो रही थी
धीरे धीरे समय बदला और नया दौर आया
मैंने अंग्रेजी को पढ़ा ही नहीं, अच्छे से चबाया
मैंने खुद को हिन्दी से अंग्रेजी में लिफ्ट किया
साथ ही जनेऊ को पूजाघर में सिफ्ट किया
अब मै बेवजह ही दो चार वाक्य अंग्रेजी में झाड जाता हूँ
शायद इसीलिए समाज में पढ़ा लिखा कहलाता हूँ
और तो और , मैंने बदल लिए कई रिश्ते नाते हैं
मामा, चाचा, फूफा अब अंकल नाम से जाने जाते हैं
अब मै टोन बदल कर वेद को वेदा और राम को रामा कहता हूँ
और अपनी इस तथाकतित सफलता पर गर्वित रहता हूँ
मेरे बच्चे और भी आगे जा रहे हैं
मैंने संस्कार चबाया था वो अंग्रेजी में पचा रहे हैं
यानि उन्हें दादी का मतलब ग्रैनी बताया जाता है
*“रामा वाज अ हिन्दू गॉड”* गर्व से सिखाया जाता है
जब श्रीमती जी उन्हें पानी मतलब वाटर बताती हैं
और अपनी इस प्रगति पर मंद मंद मुस्काती हैं
जाने क्यों मेरे पूजाघर की जीर्ण जनेऊ चिल्लाती है
और मंद मंद कुछ मन्त्र यूँ ही बुदबुदाती है
कहती है, विकास भारत को कहाँ ले जा रहा है
संस्कार तो गल गए अब भाषा को भी पचा रहा है
संस्कृत की तरह हिन्दी भी एक दिन मृत घोषित हो जाएगी
शायद उस दिन भारत भूमि पूर्ण विकसित हो जाएगी
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मिलता-जुलता
#Social Sandesh
Monday, 3 July 2017
Break the airs of China
Dear Friends,
Before Good Night !
If China can stop our pilgrimage place Mansarovar Yatra & impose pressure on India, Shall we not stop buying Chinese Items and show our
unity and strength against China? Even though, he is trying to show his mighty on Sikkim border, he has threatened for mass consequence & reminded us for 1962 war? ??
Are you agree with his statement, if not then Please come forward and share it to maximum Indians! Please stop buying any Chinese items since now onwards. Help for the country empowerment. . Purchase Indian items only! !
Jai Bharat, jai Hind
Before Good Night !
If China can stop our pilgrimage place Mansarovar Yatra & impose pressure on India, Shall we not stop buying Chinese Items and show our
unity and strength against China? Even though, he is trying to show his mighty on Sikkim border, he has threatened for mass consequence & reminded us for 1962 war? ??
Are you agree with his statement, if not then Please come forward and share it to maximum Indians! Please stop buying any Chinese items since now onwards. Help for the country empowerment. . Purchase Indian items only! !
Jai Bharat, jai Hind
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मिलता-जुलता
#Social Sandesh
Friday, 30 June 2017
जीएसटी बिना बात का बतंगड़
मेरे को एक बात समझ नहीं आ रही कि चाहे VAT हो या GST, जब भरती जनता है, भुगतती जनता है, तो व्यापारी को गुस्सा किस बात का?
कपड़ा महंगा हो गया तो व्यापारी को तो बेचना हैं, किराना महंगा हो गया तो क्या ।ना पक्के बिल से माल खरीदा ना कभी बिल से बेचा ।
फर्जी फ़ाइल बना के लाखों का टैक्स बचा लिया।
क्या हम नही जानते की ये छोटे छोटे व्यापारी भी सालाना 50-60 लाख का टर्न ओवर कर लेते हैं पर फ़ाइल 5 लाख से आगे बढ़ती ही नही।
अब कानून के दायरे में आने लग गए तो विरोध...!
बस देश से लेना आता है
देने के नाम पर हड़ताल।
*जरा सोचिए ये विरोध किसे करना चाहिए, आम जनता को, जो टैक्स भरती हैं*
या
*उस व्यपारी को, जिसने आज तक टैक्स नही भरा*।
जनहित में जारी
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मिलता-जुलता
#Social Sandesh
Sunday, 16 April 2017
Ultra legends don't know what actually Snapchat is
Ultra legends don't know what actually Snapchat is....
Anish
When 24 cr people live in extreme poverty in nation which is approximately 21% of entire population, then I don't think people will call India rich. He called Spain poor too. But they didn't react because they are sensible.
PS:- The wannabe deshbhakts who uninstalled Snapchat are the same people who boycotted aamir Khan last year but then watched his film Dangal.
Like · 36 · Reply · Report · 1 hour ago
Bishvendra Singh C... replied · 11 replies
Abhijith V Koli
Guys, don't uninstall it. Wrong message is being spread by many people as they don't know the truth behind it.
Snapchat CEO hasn't told anything about India. It was an ex employee who was fired who told all the nonsense to degrade Snapchat. Please spread & share the correct information.
Like · 9 · Reply · Report · 1 hour ago
Abhijith V Koli replied · 2 replies
RA Arvind
"Snapchat" dont frgt tat its ull who hv introduced this app in india, this make sense tat its ull who r poor n asking us to download it n make ull rich
Note:- dont be so proud abt ull, most of out Indian r in d top post all over d globe, so it clearly proves we indians much brilliant den ull
Like · 2 · Reply · Report ·
Anish
When 24 cr people live in extreme poverty in nation which is approximately 21% of entire population, then I don't think people will call India rich. He called Spain poor too. But they didn't react because they are sensible.
PS:- The wannabe deshbhakts who uninstalled Snapchat are the same people who boycotted aamir Khan last year but then watched his film Dangal.
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Bishvendra Singh C... replied · 11 replies
Abhijith V Koli
Guys, don't uninstall it. Wrong message is being spread by many people as they don't know the truth behind it.
Snapchat CEO hasn't told anything about India. It was an ex employee who was fired who told all the nonsense to degrade Snapchat. Please spread & share the correct information.
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Abhijith V Koli replied · 2 replies
RA Arvind
"Snapchat" dont frgt tat its ull who hv introduced this app in india, this make sense tat its ull who r poor n asking us to download it n make ull rich
Note:- dont be so proud abt ull, most of out Indian r in d top post all over d globe, so it clearly proves we indians much brilliant den ull
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मिलता-जुलता
#Social Sandesh,
I HATE FACEBOOK BECAUSE
Saturday, 1 April 2017
इजराइल एक ऐसा छोटा सा देश जिसकी जनसँख्या 80 लाख के आस पास है पर 150 करोड़ से अधिक 56 मुस्लिम देश इजराइल से खौफ खाते हैं - ताजा उदहारण ISIS पुरे अरब में आतंक मचाये हुए है, लोगों का कत्लेआम कर रहा है, पर अब तक इजराइल की तरफ एक गोली भी नहीं चलाई है, जबकि इजराइल सीरिया का पडोसी ही देश है, एक भी इजराइल के नागरिक को छुआ भी नहीं, क्योंकि उनको पता है जहाँ इजराइल को थोडा भी छेड़ा, उनके यहाँ कोई मानवाधिकार वाला बकवास करने के लिए नहीं अगले ही पल या तो इजराइल की ओर से मिसाइल दाग दिया जायेगा या इसरायली सेना चढ़ाई कर देगी - इजराइल का ये रुतबा ऐसे ही नहीं बना है...!!
.
बात है इजराइल के बनने की, जब हिटलर से जान बचाकर यहूदी लोग इजराइल पहुचे थे और इजराइल बनाया था, अरब के मुस्लिमो ने पहली बार इजराइल पर 1948 में हमला किया था उस समय बस इजराइल बना ही था, उसके पास कोई बड़ी सेना या धन गोला बारूद नहीं था, परंतु फिर भी इजराइल ने अरब को 1948 में बड़े आसानी से हरा दिया तब से लेकर अब तक अरब देशों ने 6 बाद इजराइल से युद्ध लड़े हैं और इजराइल ने हर बार मुस्लिम देशो को हराया है - अगर आंकड़ो की बात करे तो 1948 से अब तक अरब-इजराइल युद्धों में इजराइल के 22000 सैनिक शहीद हुए हैं वहीँ मुस्लिम देशों के 91000 से अधिक...!!
.
इजराइल ऐसा देश है जिसका नक्शा आप देखें, चारो ओर से मुस्लिम देशों से घिरा हुआ है फिर भी किसी मुस्लिम देश, या ISIS की मजाल नहीं की इजराइल को छेड़ सके अगर यूँ कहा जाए की इजराइल, मुस्लिम देशों का काल है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी इजराइल इसलिए इतना ताकतवर है क्योंकि वहां के लोगो में दुश्मनो के प्रति मानवाधिकार जैसे बकवास चीजे नहीं है और एक बात मित्रों इजराइल खुद पहले हमला नहीं करता, बस उसको कोई छेड़े तो इजराइल उसे छोड़ता नहीं - इजराइल की मोसाद का तो ऐसा खौफ है की मोसाद के डर से किसी आतंकी संगठन के मुखिया या किसी मुस्लिम देश के नेता की औकात नहीं की इजराइल की तरफ टेढ़ी आँख करके देखे मित्रों म्युनिक ओलिंपिक में जिहादी तत्वों ने इजराइल के खिलाडियों की जर्मनी में हत्या कर दी थी और वो जिहादी तत्व किसी मुस्लिम देश में जा छुपे थे, जिनकी संख्या सैंकड़ो में थी इजराइल की मोसाद के 30 जवान उस मुस्लिम देश में घुसकर उन जिहादियों को मार आये थे इजराइल की मोसाद का सिर्फ एक जवान शहीद हुआ था...!!
.
एक बार एक मुस्लिम संगठन के लोगो ने कुछ इसरायली लोगो की हत्या कर दी फिर सब फरार हो गए सबने अपना देश और नाम हुलिया बदल दिया, पर इजराइल की मोसाद इतनी खौफनाक है, 25 साल बाद उन कातिलों को दक्षिण अमरीका के होटल में जाकर ख़त्म कर दिया - भारत को इजराइल से सीखने की जरुरत है, अगर इजराइल का 10% गुण भी भारत में आ जाये तो पाकिस्तान क्या हर जिहादी देश दुनिया के नक़्शे से मिट जाये - अभी के नेताओ का तो पता नहीं, मित्रों इस पोस्ट को शेयर करो ताकि देश की युवा पीढ़ी देशभक्ति सीखे और आगे आने वाले समय में जब इन्ही युवाओं में से कोई देश का नेता बनेगा तो देश को हर मोर्चे पर सुरक्षित कर देगा...!!
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बात है इजराइल के बनने की, जब हिटलर से जान बचाकर यहूदी लोग इजराइल पहुचे थे और इजराइल बनाया था, अरब के मुस्लिमो ने पहली बार इजराइल पर 1948 में हमला किया था उस समय बस इजराइल बना ही था, उसके पास कोई बड़ी सेना या धन गोला बारूद नहीं था, परंतु फिर भी इजराइल ने अरब को 1948 में बड़े आसानी से हरा दिया तब से लेकर अब तक अरब देशों ने 6 बाद इजराइल से युद्ध लड़े हैं और इजराइल ने हर बार मुस्लिम देशो को हराया है - अगर आंकड़ो की बात करे तो 1948 से अब तक अरब-इजराइल युद्धों में इजराइल के 22000 सैनिक शहीद हुए हैं वहीँ मुस्लिम देशों के 91000 से अधिक...!!
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इजराइल ऐसा देश है जिसका नक्शा आप देखें, चारो ओर से मुस्लिम देशों से घिरा हुआ है फिर भी किसी मुस्लिम देश, या ISIS की मजाल नहीं की इजराइल को छेड़ सके अगर यूँ कहा जाए की इजराइल, मुस्लिम देशों का काल है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी इजराइल इसलिए इतना ताकतवर है क्योंकि वहां के लोगो में दुश्मनो के प्रति मानवाधिकार जैसे बकवास चीजे नहीं है और एक बात मित्रों इजराइल खुद पहले हमला नहीं करता, बस उसको कोई छेड़े तो इजराइल उसे छोड़ता नहीं - इजराइल की मोसाद का तो ऐसा खौफ है की मोसाद के डर से किसी आतंकी संगठन के मुखिया या किसी मुस्लिम देश के नेता की औकात नहीं की इजराइल की तरफ टेढ़ी आँख करके देखे मित्रों म्युनिक ओलिंपिक में जिहादी तत्वों ने इजराइल के खिलाडियों की जर्मनी में हत्या कर दी थी और वो जिहादी तत्व किसी मुस्लिम देश में जा छुपे थे, जिनकी संख्या सैंकड़ो में थी इजराइल की मोसाद के 30 जवान उस मुस्लिम देश में घुसकर उन जिहादियों को मार आये थे इजराइल की मोसाद का सिर्फ एक जवान शहीद हुआ था...!!
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एक बार एक मुस्लिम संगठन के लोगो ने कुछ इसरायली लोगो की हत्या कर दी फिर सब फरार हो गए सबने अपना देश और नाम हुलिया बदल दिया, पर इजराइल की मोसाद इतनी खौफनाक है, 25 साल बाद उन कातिलों को दक्षिण अमरीका के होटल में जाकर ख़त्म कर दिया - भारत को इजराइल से सीखने की जरुरत है, अगर इजराइल का 10% गुण भी भारत में आ जाये तो पाकिस्तान क्या हर जिहादी देश दुनिया के नक़्शे से मिट जाये - अभी के नेताओ का तो पता नहीं, मित्रों इस पोस्ट को शेयर करो ताकि देश की युवा पीढ़ी देशभक्ति सीखे और आगे आने वाले समय में जब इन्ही युवाओं में से कोई देश का नेता बनेगा तो देश को हर मोर्चे पर सुरक्षित कर देगा...!!
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मिलता-जुलता
#Social Sandesh
Saturday, 25 March 2017
देश के बारे में पहले जाने फिर आलोचना करे
मित्रों!! आप को ये जानना चाहिए कि भारत पाकिस्तान से युद्ध करने से क्यों पीछे हट रहा है ... ध्यान से पूरा पढना..
यह पोस्ट लाइक्स के लिए नहीं लिखी है, पढ़कर कुछ सकारात्मक लगे, अंतरात्मा जागे तो शेयर अवश्य करें..
.दरअसल प्रधानमंत्री मोदी की ये हालत कांग्रेस और वामपंथियों ने कर रखी है। उन्होंने भारत के रक्षा तंत्र को कहाँ पंहुचा दिया है...
● वामपंथी और कान्ग्रेसियों ने 10 साल में कितने आयल रिजर्व बनाये??
युद्ध सिर्फ बयान से नहीं लड़े जाते...
आयल रिजर्व भारत के पास कितने दिनों का था जब मोदी ने सत्ता संभाली?
सितम्बर 2015 से मोदी सरकार नए आयल रिजर्व बना रही है जिससे की
सेना को हिम्मत मिले..
● युद्ध के लिए कम से कम 40 दिन की सामग्री होनी चाहिए.. इटली वाली बाई और मौनी बाबा की कृपा से सेना के पास 40 दिन तक चलने वाला सिर्फ 10 फीसदी गोला बारूद ही था..
● चीन के पास 60 से 80 दिन का रिजर्व है और भारत के पास??
कांग्रेस ने सिर्फ 7 दिन का रिजर्व रख छोड़ा था..और बाते करेगे कि मोदी क्यों युद्ध नहीं कर रहा..
●उन 10 साल में सेना को इतना तबाह कर दिया गया की भारतीय सेना का जनरल तुम्हे चिट्टी लिखता रहा,चिल्लाता रहा की भारत की सेना के पास लड़ने को हथियार नहीं है परंतु 10 साल तक भारत सरकार के लोग 2G, 3G, जीजा G ,कॉमनवेल्थ और कोयला घोटालों में ही मस्त रहे।
● विमानों खरीद में इतनी घटिया दलाली की राजनीति चली की दलाली न मिलने के कारण 10 साल में विमानों को खरीदने का आर्डर नहीं दे पाये वो तो भला हो नरेंद्र मोदी का जिन्होंने "राफेल डील" को खुद ही फ़्रांस जा के फाइनल करके हताश हो रही एयरफोर्स को नयी हिम्मत दी वरना कांग्रेस का बस चलता तो उड़नता बूत बन चुके आउटडेटेड MIG में ही मरने देती वायुसेना के पायलटों को..यही डील कांग्रेसियों ने पहले फाइनल कर दी होती तो आज तक ये विमान हमारे एयरफ़ोर्स के हैंगरों में पहुच चुके होते..
● गलती से कांग्रेस ने हेलीकॉप्टर और सेना के ट्रक खरीद लिए तो उसे "ऑगस्टा वेस्टलैंड हेलीकाप्टर घोटाला" और "टाट्रा ट्रक घोटाला" नाम से ये देश जानता है..
● अब आते हैं नौसेना की स्थिति पर, क्या हालात बना दी कांग्रेसियों ने 2004 से 2014 तक हादसों की झड़ी लगा दी और नौसेना की शान INS सिंधुरक्षक का खड़े खड़े तबाह हो जाना और 18 नौसैनिकों का मरना वो जख्म है जिसे सिर्फ एक हादसा नहीं माना जा सकता था....
नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके जोशी ने तो इस्तीफा दे दिया मगर उसके बाद फिर हादसे का होना ये बताने को पर्याप्त था की 10 सालों में नेवी वारशिप का रखरखाव हुआ ही नहीं या हुआ भी तो बड़ी हथियार दलाल लाबी इसमें सम्बद्ध थी..
● घोटाले और मुफ्तखोरी से तबाह देश का खजाना तुमने मोदी को दिया था जो कोई युद्ध नहीं झेल सकता था.. यही कारण है की उस देश के खजाने को भरने के चक्कर में आज मोदी कभी सेस बढ़ाता है तो कभी पेट्रोल डीजल पर वैट बढ़ा के देश को मजबूत करता है और हमारी थोक के भाव गालियां भी सुनता है....
● कुछ लोगो की नौटंकी तो चलती रहती है। फ्री के वाईफाई, फ्री के बिजली,फ्री के पानी पर। अगर युद्ध हुआ तो ऐसे लोगों को जीत हार से मतलब नहीं होगा उन्हें मतलब होगा युद्ध के बाद निश्चित बढने वाली महंगाई से..
महंगाई बढ़ गई जी..मोदी ने टैक्स लगा दिया जी...ऐंड सो आन ।
.
★★★ अब कुछ मानसिक रूप से अपरिपक्व बच्चे, ये कहेंगे की अब तो मोदी है जो करना है कर लो...तो भाई जहाजो के आर्डर मोदी खुद फ़्रांस में देकर आया है...जहाज का आर्डर दिया है न की पिज्जा का जो दो मीनट में बनकर आधे घंटे में आ जाये, कुछ साल लगेंगे बनाने और डिलिवरी में..सेना का आधुनिकीकरण जारी है.नए आयल रिजर्व अगस्त सितम्बर 2015 से बनने शुरू हो गए..
करोडो के हथियारों की खरीद को रक्षामंत्री मनोहर पारिकर ने अप्रूव कर दिया. कांग्रेस की चहेती हथियारों की दलाल लाबी को भगा दिया गया है..
एक एक सौदे पर PMO की नजर है...!!! आपलोग भी अपनी नजर बनाये रखें!!! धैर्य रखें अच्छे दिनो का आगाज हो चूका है।।
ये पोस्ट अगर आप अनपढ़ मतदाताओं और आम जनमानस को समझा सकें तो ये आपका समस्त देशप्रेमियों पर अहसान होगा!
यह पोस्ट लाइक्स के लिए नहीं लिखी है, पढ़कर कुछ सकारात्मक लगे, अंतरात्मा जागे तो शेयर अवश्य करें..
.दरअसल प्रधानमंत्री मोदी की ये हालत कांग्रेस और वामपंथियों ने कर रखी है। उन्होंने भारत के रक्षा तंत्र को कहाँ पंहुचा दिया है...
● वामपंथी और कान्ग्रेसियों ने 10 साल में कितने आयल रिजर्व बनाये??
युद्ध सिर्फ बयान से नहीं लड़े जाते...
आयल रिजर्व भारत के पास कितने दिनों का था जब मोदी ने सत्ता संभाली?
सितम्बर 2015 से मोदी सरकार नए आयल रिजर्व बना रही है जिससे की
सेना को हिम्मत मिले..
● युद्ध के लिए कम से कम 40 दिन की सामग्री होनी चाहिए.. इटली वाली बाई और मौनी बाबा की कृपा से सेना के पास 40 दिन तक चलने वाला सिर्फ 10 फीसदी गोला बारूद ही था..
● चीन के पास 60 से 80 दिन का रिजर्व है और भारत के पास??
कांग्रेस ने सिर्फ 7 दिन का रिजर्व रख छोड़ा था..और बाते करेगे कि मोदी क्यों युद्ध नहीं कर रहा..
●उन 10 साल में सेना को इतना तबाह कर दिया गया की भारतीय सेना का जनरल तुम्हे चिट्टी लिखता रहा,चिल्लाता रहा की भारत की सेना के पास लड़ने को हथियार नहीं है परंतु 10 साल तक भारत सरकार के लोग 2G, 3G, जीजा G ,कॉमनवेल्थ और कोयला घोटालों में ही मस्त रहे।
● विमानों खरीद में इतनी घटिया दलाली की राजनीति चली की दलाली न मिलने के कारण 10 साल में विमानों को खरीदने का आर्डर नहीं दे पाये वो तो भला हो नरेंद्र मोदी का जिन्होंने "राफेल डील" को खुद ही फ़्रांस जा के फाइनल करके हताश हो रही एयरफोर्स को नयी हिम्मत दी वरना कांग्रेस का बस चलता तो उड़नता बूत बन चुके आउटडेटेड MIG में ही मरने देती वायुसेना के पायलटों को..यही डील कांग्रेसियों ने पहले फाइनल कर दी होती तो आज तक ये विमान हमारे एयरफ़ोर्स के हैंगरों में पहुच चुके होते..
● गलती से कांग्रेस ने हेलीकॉप्टर और सेना के ट्रक खरीद लिए तो उसे "ऑगस्टा वेस्टलैंड हेलीकाप्टर घोटाला" और "टाट्रा ट्रक घोटाला" नाम से ये देश जानता है..
● अब आते हैं नौसेना की स्थिति पर, क्या हालात बना दी कांग्रेसियों ने 2004 से 2014 तक हादसों की झड़ी लगा दी और नौसेना की शान INS सिंधुरक्षक का खड़े खड़े तबाह हो जाना और 18 नौसैनिकों का मरना वो जख्म है जिसे सिर्फ एक हादसा नहीं माना जा सकता था....
नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके जोशी ने तो इस्तीफा दे दिया मगर उसके बाद फिर हादसे का होना ये बताने को पर्याप्त था की 10 सालों में नेवी वारशिप का रखरखाव हुआ ही नहीं या हुआ भी तो बड़ी हथियार दलाल लाबी इसमें सम्बद्ध थी..
● घोटाले और मुफ्तखोरी से तबाह देश का खजाना तुमने मोदी को दिया था जो कोई युद्ध नहीं झेल सकता था.. यही कारण है की उस देश के खजाने को भरने के चक्कर में आज मोदी कभी सेस बढ़ाता है तो कभी पेट्रोल डीजल पर वैट बढ़ा के देश को मजबूत करता है और हमारी थोक के भाव गालियां भी सुनता है....
● कुछ लोगो की नौटंकी तो चलती रहती है। फ्री के वाईफाई, फ्री के बिजली,फ्री के पानी पर। अगर युद्ध हुआ तो ऐसे लोगों को जीत हार से मतलब नहीं होगा उन्हें मतलब होगा युद्ध के बाद निश्चित बढने वाली महंगाई से..
महंगाई बढ़ गई जी..मोदी ने टैक्स लगा दिया जी...ऐंड सो आन ।
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★★★ अब कुछ मानसिक रूप से अपरिपक्व बच्चे, ये कहेंगे की अब तो मोदी है जो करना है कर लो...तो भाई जहाजो के आर्डर मोदी खुद फ़्रांस में देकर आया है...जहाज का आर्डर दिया है न की पिज्जा का जो दो मीनट में बनकर आधे घंटे में आ जाये, कुछ साल लगेंगे बनाने और डिलिवरी में..सेना का आधुनिकीकरण जारी है.नए आयल रिजर्व अगस्त सितम्बर 2015 से बनने शुरू हो गए..
करोडो के हथियारों की खरीद को रक्षामंत्री मनोहर पारिकर ने अप्रूव कर दिया. कांग्रेस की चहेती हथियारों की दलाल लाबी को भगा दिया गया है..
एक एक सौदे पर PMO की नजर है...!!! आपलोग भी अपनी नजर बनाये रखें!!! धैर्य रखें अच्छे दिनो का आगाज हो चूका है।।
ये पोस्ट अगर आप अनपढ़ मतदाताओं और आम जनमानस को समझा सकें तो ये आपका समस्त देशप्रेमियों पर अहसान होगा!
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मिलता-जुलता
#Social Sandesh
Friday, 24 March 2017
Indian Bano Desh Bachao
जातिवाद फैलाने वालों को इस पोस्ट से मिर्ची जरूर लगेगी, लगनी भी तो चाहिए....!!
.
मैं रोजाना Whtsapp or Facebook, Social Media पर
देखता हुं कि :-
.
कुछ राजपूतगिरी करते हैं और कहते हैं कि राजपूतो ने इतिहास में बहुत
बलिदान दिये हैं
अपनी प्रोफाइल फोटो पर गर्व से लिखते हैं
"I am a Proud Rajput"
.
कुछ जाट भी कम नहीं हैं वे जाटों का इतिहास बताते हैं
और लिखते हैं "जाट सबका बाप" ।
.
कुछ ब्राहम्ण और कुछ गुजर भी हैं जो जातिवाद को आगे रख कर
अपने आप को उच्च बताते हुए पोस्ट करते हैं ।
.
मैं उन सभी लोगों को कहना चाहता हुँ कि
.
.तुम सबसे पहले हिन्दू हो ये क्यों भूल जाते हो
.
जो राजपूत जातिवाद की पोस्ट करते हैं वो
.
अब ये भी जान लो
इतिहास गवाह है की राजपूतो ने कभी दूसरे राजपूत की मदद नहीं की
बस सब अपनी मूंछ पर ही ताव खाते थे ।
.
पृथ्वीराज चौहान को धोखे से मरवाने वाला भी राजपूत ही था .
महाराणा प्रताप को मरवाने वाला भी उनका खुद का भाई और बेटा ही
था वो भी राजपूत ही था जितने राजपूतो में वीर हुए थे उतने राजपूतो
में गद्दार भी हुए हैं
श्री राम भगवान राघुवंशी थे यानी की क्षत्रिय थे पर शर्म आती है
कि देश में इतने क्षत्रिय राजपूत, होते हुये भी राम मंदिर आज
राजनीती का अखाडा बनकर रह गया है ।
मुग़ल जब एक किले पर हमला करते तो दूसरे किले के राजा तमाशा
देखते थे राजपूत क्षत्रिय राजाओ में यही सबसे बड़ी कमजोरी थी
जिसका फ़ायदा मुग़ल उठाते थे ।
हमने खुद कभी आपस में एक दूसरे की कभी मदद नहीं की इसलिए
मुगलो ने 800 साल तक हम पर राज किया ये एक कड़वी सच्चाई है
जाट और गुज्जर भी बलिदान की बाते करते हुए नहीं थकते तो सुनो
तुम्हारे में भी गद्दार कम नहीं थे राजाओ के ख़ुफ़िया रास्ते बताने वाले
भी जाट और गुजर ही थे वो खुद मंत्री थे पर राजा बनने के लिए
अंग्रेजों और मुगलों के हाथो बिक जाते थे ।
हम तो ब्रह्मा के दूत हैं कहने वालों, हम तो सर्वश्रेष्ठ हैं, हम तो
सर्वोच्च हैं, हम तो उच्च हैं,
ब्राह्मण की बाते करने वालो तुम्हें भी एक बार अपना इतिहास देख
लेना चाहिए ।
ब्राह्मणों ने कभी किसी दूसरी जाती वालों का सम्मान नहीं किया,
और दलितों को तो मंदिर भी नहीं जाने देते थे । ब्राह्मणों की छुआछूत
के कारण विश्व और देश में हिन्दुत्व को बदनामी मिली और ईसाईयों
और मुसलमानों को दलित हिन्दुओं को धर्मपरिवर्तन करने में सफलता
मिली । हिन्दुत्व का जो नुकसान हुआ उसमें ब्राह्मणों की भी एक
भुमिका है, चाहे वो मानें या ना मानें ।
हम तो महाराजा अग्रसेन की संतानें हैं, हम तो जैन हैं, हम तो महावीर
की संतानें हैं, हम तो जैनेंद्र की संतानें हैं, हम तो मारवाड़ी हैं, आदि
आदि देश का अधिकतम व्यपार, पैसा, धन, दौलत हमारे हाथों में है,
हम तो देश की अर्थव्यवस्था के मालिक हैं, हम ना हों तो देश कैसे
चलेगा, राजा युधिष्ठिर से लेकर आज की सरकार हमारे पर निर्भर है
आदि आदि . .
हमें वैश्य(बनिया) होने पर गर्व है ।
हम तो ब्राह्मण हैं ।
हम तो क्षत्रिय हैं ।
हम तो राजपूत हैं ।
हम तो जाट हैं ।
हम तो वैश्य हैं ।
बस करो बाँटना अपने आपको ।
अब तो सुधर जाओ हिन्दुओं ।
देश को जातिवाद में बाँटने वाले हम ही तो हैं जो धर्म से पहले अपनी
जाति पर गर्व करते हैं ।
फिर कुछ अपने आप को क्षेत्रवाद में भी बाँटते हैं, कश्मीरी, पंजाबी,
हरियाणवी, राजस्थानी, मराठा, गुजराती, उतराखंडी, पहाड़ी आदि
आदि , बस करो, बन्द करो, बहुत हो गया, बन्द करो अपने को और
अधिक बाँटनें की बातें ।
.
मैंने ये पोस्ट इसलिए बनाई है ताकी, "हे मुर्ख हिन्दुओं" अब तो
जागो . . . जातिवाद छोड़ कर हिन्दू बनो ।
इसी जातिवाद के चलते 800 साल तक मुगलों ने, 200 साल तक
अंग्रेजों ने, और अब आज़ादी के बाद 67 सालों से जातीवादी
राजनैतिक दलों ने देश को लूट लिया है ।
सोने की चिड़िया कहलाने वाला विश्वगुरु हमारा भारत देश, जो दुनिया
का बाप था, आज कहाँ से कहाँ आ गया है ।
आज भी भारत में गरीब सड़कों पर भूखे सो रहे हैं ।
.
थोड़ा दिमाग से जरूर सोचो एक बार अपने देश के लिए ।
****************
अगर मेरी इस पोस्ट से किसी को मिर्ची लगी हो तो, मुझे माफ़ कर
सकते हो, या फिर अपने आप को सुधार लो.....
॥ वन्दे मातरम् ॥
||धन्यवाद||
.
मैं रोजाना Whtsapp or Facebook, Social Media पर
देखता हुं कि :-
.
कुछ राजपूतगिरी करते हैं और कहते हैं कि राजपूतो ने इतिहास में बहुत
बलिदान दिये हैं
अपनी प्रोफाइल फोटो पर गर्व से लिखते हैं
"I am a Proud Rajput"
.
कुछ जाट भी कम नहीं हैं वे जाटों का इतिहास बताते हैं
और लिखते हैं "जाट सबका बाप" ।
.
कुछ ब्राहम्ण और कुछ गुजर भी हैं जो जातिवाद को आगे रख कर
अपने आप को उच्च बताते हुए पोस्ट करते हैं ।
.
मैं उन सभी लोगों को कहना चाहता हुँ कि
.
.तुम सबसे पहले हिन्दू हो ये क्यों भूल जाते हो
.
जो राजपूत जातिवाद की पोस्ट करते हैं वो
.
अब ये भी जान लो
इतिहास गवाह है की राजपूतो ने कभी दूसरे राजपूत की मदद नहीं की
बस सब अपनी मूंछ पर ही ताव खाते थे ।
.
पृथ्वीराज चौहान को धोखे से मरवाने वाला भी राजपूत ही था .
महाराणा प्रताप को मरवाने वाला भी उनका खुद का भाई और बेटा ही
था वो भी राजपूत ही था जितने राजपूतो में वीर हुए थे उतने राजपूतो
में गद्दार भी हुए हैं
श्री राम भगवान राघुवंशी थे यानी की क्षत्रिय थे पर शर्म आती है
कि देश में इतने क्षत्रिय राजपूत, होते हुये भी राम मंदिर आज
राजनीती का अखाडा बनकर रह गया है ।
मुग़ल जब एक किले पर हमला करते तो दूसरे किले के राजा तमाशा
देखते थे राजपूत क्षत्रिय राजाओ में यही सबसे बड़ी कमजोरी थी
जिसका फ़ायदा मुग़ल उठाते थे ।
हमने खुद कभी आपस में एक दूसरे की कभी मदद नहीं की इसलिए
मुगलो ने 800 साल तक हम पर राज किया ये एक कड़वी सच्चाई है
जाट और गुज्जर भी बलिदान की बाते करते हुए नहीं थकते तो सुनो
तुम्हारे में भी गद्दार कम नहीं थे राजाओ के ख़ुफ़िया रास्ते बताने वाले
भी जाट और गुजर ही थे वो खुद मंत्री थे पर राजा बनने के लिए
अंग्रेजों और मुगलों के हाथो बिक जाते थे ।
हम तो ब्रह्मा के दूत हैं कहने वालों, हम तो सर्वश्रेष्ठ हैं, हम तो
सर्वोच्च हैं, हम तो उच्च हैं,
ब्राह्मण की बाते करने वालो तुम्हें भी एक बार अपना इतिहास देख
लेना चाहिए ।
ब्राह्मणों ने कभी किसी दूसरी जाती वालों का सम्मान नहीं किया,
और दलितों को तो मंदिर भी नहीं जाने देते थे । ब्राह्मणों की छुआछूत
के कारण विश्व और देश में हिन्दुत्व को बदनामी मिली और ईसाईयों
और मुसलमानों को दलित हिन्दुओं को धर्मपरिवर्तन करने में सफलता
मिली । हिन्दुत्व का जो नुकसान हुआ उसमें ब्राह्मणों की भी एक
भुमिका है, चाहे वो मानें या ना मानें ।
हम तो महाराजा अग्रसेन की संतानें हैं, हम तो जैन हैं, हम तो महावीर
की संतानें हैं, हम तो जैनेंद्र की संतानें हैं, हम तो मारवाड़ी हैं, आदि
आदि देश का अधिकतम व्यपार, पैसा, धन, दौलत हमारे हाथों में है,
हम तो देश की अर्थव्यवस्था के मालिक हैं, हम ना हों तो देश कैसे
चलेगा, राजा युधिष्ठिर से लेकर आज की सरकार हमारे पर निर्भर है
आदि आदि . .
हमें वैश्य(बनिया) होने पर गर्व है ।
हम तो ब्राह्मण हैं ।
हम तो क्षत्रिय हैं ।
हम तो राजपूत हैं ।
हम तो जाट हैं ।
हम तो वैश्य हैं ।
बस करो बाँटना अपने आपको ।
अब तो सुधर जाओ हिन्दुओं ।
देश को जातिवाद में बाँटने वाले हम ही तो हैं जो धर्म से पहले अपनी
जाति पर गर्व करते हैं ।
फिर कुछ अपने आप को क्षेत्रवाद में भी बाँटते हैं, कश्मीरी, पंजाबी,
हरियाणवी, राजस्थानी, मराठा, गुजराती, उतराखंडी, पहाड़ी आदि
आदि , बस करो, बन्द करो, बहुत हो गया, बन्द करो अपने को और
अधिक बाँटनें की बातें ।
.
मैंने ये पोस्ट इसलिए बनाई है ताकी, "हे मुर्ख हिन्दुओं" अब तो
जागो . . . जातिवाद छोड़ कर हिन्दू बनो ।
इसी जातिवाद के चलते 800 साल तक मुगलों ने, 200 साल तक
अंग्रेजों ने, और अब आज़ादी के बाद 67 सालों से जातीवादी
राजनैतिक दलों ने देश को लूट लिया है ।
सोने की चिड़िया कहलाने वाला विश्वगुरु हमारा भारत देश, जो दुनिया
का बाप था, आज कहाँ से कहाँ आ गया है ।
आज भी भारत में गरीब सड़कों पर भूखे सो रहे हैं ।
.
थोड़ा दिमाग से जरूर सोचो एक बार अपने देश के लिए ।
****************
अगर मेरी इस पोस्ट से किसी को मिर्ची लगी हो तो, मुझे माफ़ कर
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॥ वन्दे मातरम् ॥
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Tuesday, 7 March 2017
JNU KE GADDAR
भाई लोगो क्यों न पुरे देश मै एक अभियान चलाया जाए की हम अपना टैक्स तभी जमा करेंगे जब भारत सरकार मोदी जी देश के उन सब गद्दार संस्थाओं और आदमियों की सब्सिडी बंद न कर दे ।।। क्यों दोस्तों साथ दोगे इस लड़ाई मैं इस बात को पूरे देश मैं फैलाना है ।।।ताकि मोदी जी तक ये बात पहुचे और इन गद्दारो का दान पानी बंद हो ।।।। भारत माता की जय ।।। वंदे मातरम
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मिलता-जुलता
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Monday, 6 March 2017
JNU ke Bigde Shehjaade
A JNU professor, a reporter and a tough old soldier were captured by terrorists in Kashmir.
The leader of the terrorists told them he'd grant each of them one last request before they were beheaded.
The liberal professor said, 'Well, I'm a foodie, so I'd like one last plate of biryani.'
The reporter said, 'I'm a reporter to the end. I want to take out my tape recorder and describe the scene
The leader of the terrorists told them he'd grant each of them one last request before they were beheaded.
The liberal professor said, 'Well, I'm a foodie, so I'd like one last plate of biryani.'
The reporter said, 'I'm a reporter to the end. I want to take out my tape recorder and describe the scene
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Kabhi Mehsus kar Dekho
पढ़ाई पूरी करने के बाद एक छात्र किसी बड़ी कंपनी में नौकरी पाने की चाह में इंटरव्यू देने के लिए पहुंचा....
छात्र ने बड़ी आसानी से पहला इंटरव्यू पास कर लिया...
अब फाइनल इंटरव्यू
कंपनी के डायरेक्टर को लेना था...
और डायरेक्टर को ही तय
करना था कि उस छात्र को नौकरी पर रखा जाए या नहीं...
डायरेक्टर ने छात्र का सीवी (curricular vitae) देखा और पाया कि पढ़ाई के साथ- साथ यह छात्र ईसी (extra curricular activities) में भी हमेशा अव्वल रहा...
डायरेक्टर- "क्या तुम्हें पढ़ाई के दौरान
कभी छात्रवृत्ति (scholarship) मिली...?"
छात्र- "जी नहीं..."
डायरेक्टर- "इसका मतलब स्कूल-कॉलेज की फीस तुम्हारे पिता अदा करते थे.."
छात्र- "जी हाँ , श्रीमान ।"
डायरेक्टर- "तुम्हारे पिताजी क्या काम करते है?"
छात्र- "जी वो लोगों के कपड़े धोते हैं..."
यह सुनकर कंपनी के डायरेक्टर ने कहा- "ज़रा अपने हाथ तो दिखाना..."
छात्र के हाथ रेशम की तरह मुलायम और नाज़ुक थे...
डायरेक्टर- "क्या तुमने कभी कपड़े धोने में अपने पिताजी की मदद की...?"
छात्र ने बड़ी आसानी से पहला इंटरव्यू पास कर लिया...
अब फाइनल इंटरव्यू
कंपनी के डायरेक्टर को लेना था...
और डायरेक्टर को ही तय
करना था कि उस छात्र को नौकरी पर रखा जाए या नहीं...
डायरेक्टर ने छात्र का सीवी (curricular vitae) देखा और पाया कि पढ़ाई के साथ- साथ यह छात्र ईसी (extra curricular activities) में भी हमेशा अव्वल रहा...
डायरेक्टर- "क्या तुम्हें पढ़ाई के दौरान
कभी छात्रवृत्ति (scholarship) मिली...?"
छात्र- "जी नहीं..."
डायरेक्टर- "इसका मतलब स्कूल-कॉलेज की फीस तुम्हारे पिता अदा करते थे.."
छात्र- "जी हाँ , श्रीमान ।"
डायरेक्टर- "तुम्हारे पिताजी क्या काम करते है?"
छात्र- "जी वो लोगों के कपड़े धोते हैं..."
यह सुनकर कंपनी के डायरेक्टर ने कहा- "ज़रा अपने हाथ तो दिखाना..."
छात्र के हाथ रेशम की तरह मुलायम और नाज़ुक थे...
डायरेक्टर- "क्या तुमने कभी कपड़े धोने में अपने पिताजी की मदद की...?"
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मिलता-जुलता
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Saturday, 4 March 2017
JNU KE STUDENTS ZARA SUN LO
मार्च आ गया हैं, इनकम टैक्स जमा कर दें। 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' की मांग करने वाले अधेड़ उम्र के विद्यार्थियों के फीस की सब्सिडी देनी हैं........😂😁😀
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मिलता-जुलता
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Saturday, 25 February 2017
Har Baar Tax
एक तनख्वाह से कितनी बार टेक्स दूं और क्यों...जबाब है???
मैनें तीस दिन काम किया,
तनख्वाह ली - टैक्स दिया
मोबाइल खरीदा - टैक्स दिया--'
रिचार्ज किया - टैक्स दिया
डेटा लिया - टैक्स दिया
बिजली ली - टैक्स दिया
घर लिया - टैक्स दिया
TV फ्रीज़ आदि लिये - टैक्स दिया
कार ली - टैक्स दिया
मैनें तीस दिन काम किया,
तनख्वाह ली - टैक्स दिया
मोबाइल खरीदा - टैक्स दिया--'
रिचार्ज किया - टैक्स दिया
डेटा लिया - टैक्स दिया
बिजली ली - टैक्स दिया
घर लिया - टैक्स दिया
TV फ्रीज़ आदि लिये - टैक्स दिया
कार ली - टैक्स दिया
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मिलता-जुलता
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Adhunik Sach
*** आधुनिक सच ***
मियां-बीबी दोनों मिल खूब कमाते हैं
तीस लाख का पैकेज दोनों ही पाते हैं
सुबह आठ बजे नौकरियों परजाते हैं
रात ग्यारह तक ही वापिस आते हैं
अपने परिवारिक रिश्तों से कतराते हैं
अकेले रह कर वह कैरियर बनाते हैं
कोई कुछ मांग न ले वो मुंह छुपाते हैं
भीड़ में रहकर भी अकेले रह जाते हैं
मोटे वेतन कीनौकरी छोड़ नहींपाते हैं
अपने नन्हे मुन्ने को पाल नहीं पाते हैं
फुल टाइम की मेड ऐजेंसी से लाते हैं
उसी के जिम्मे वो बच्चा छोड़ जाते हैं
परिवार को उनका बच्चा नहीं जानता है
केवल आया'आंटी' को ही पहचानता है
मियां-बीबी दोनों मिल खूब कमाते हैं
तीस लाख का पैकेज दोनों ही पाते हैं
सुबह आठ बजे नौकरियों परजाते हैं
रात ग्यारह तक ही वापिस आते हैं
अपने परिवारिक रिश्तों से कतराते हैं
अकेले रह कर वह कैरियर बनाते हैं
कोई कुछ मांग न ले वो मुंह छुपाते हैं
भीड़ में रहकर भी अकेले रह जाते हैं
मोटे वेतन कीनौकरी छोड़ नहींपाते हैं
अपने नन्हे मुन्ने को पाल नहीं पाते हैं
फुल टाइम की मेड ऐजेंसी से लाते हैं
उसी के जिम्मे वो बच्चा छोड़ जाते हैं
परिवार को उनका बच्चा नहीं जानता है
केवल आया'आंटी' को ही पहचानता है
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